आने वाली सिर्फ़ हवा हो!

दरवाज़े पर आहट सुन कर उस की तरफ़ क्यूँ ध्यान गया,
आने वाली सिर्फ़ हवा हो ऐसा भी हो सकता है|

मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद

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