उलझन घुटन हिरास तपिश कर्ब इंतिशार,
वो भीड़ है के साँस भी लेना मुहाल है|
मलिकज़ादा मंज़ूर अहम
A sky full of cotton beads like clouds
उलझन घुटन हिरास तपिश कर्ब इंतिशार,
वो भीड़ है के साँस भी लेना मुहाल है|
मलिकज़ादा मंज़ूर अहम
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