आवागमन की क़ैद से क्या छूटता कभी,
बस तेरा प्यार था जो छुड़ा ले गया मुझे|
कृष्ण बिहारी नूर
बस तेरा प्यार था जो!
One response to “बस तेरा प्यार था जो!”
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वाह वाह।
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A sky full of cotton beads like clouds
वाह वाह।
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