जब हम ही न महके फिर साहिब

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर-
जब हम ही न महके फिर साहिब
शायर- उबेदुल्लाह अलीम
गायक- ग़ुलाम अली

आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद।
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