रंग कोई वफ़ा नहीं करता!

रंग-ए-महफ़िल बदलता रहता है,
रंग कोई वफ़ा नहीं करता|

मुनीर नियाज़ी

4 responses to “रंग कोई वफ़ा नहीं करता!”

  1. वाह वाह।

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  2. वाह वाह 👌🏻

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    1. धन्यवाद जी

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