ज़िंदगी आज की एक अंधा कुआं!

बंगलौर के एक साहित्यिक आयोजन में मैंने काव्य पाठ किया उसका वीडिओ अवलोकनार्थ प्रस्तुत है
My poetry recital in Bangalore – ज़िंदगी आज की एक अंधा कुआं –

आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद ।
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2 responses to “ज़िंदगी आज की एक अंधा कुआं!”

  1. बहुत ही खूबसूरत 🦋✨

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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