क्या बात हुई क्यूँ शहर जला!

क्या बात हुई क्यूँ शहर जला अब इस के सिवा कुछ याद नहीं,
इक फ़र्द सरापा आग हुआ पल-भर में हुआ इक फ़र्द हवा|

क़ैसर शमीम

2 responses to “क्या बात हुई क्यूँ शहर जला!”

  1. बहुत ही ख़ूबसूरत 🦋✨

    Liked by 2 people

    1. हार्दिक धन्यवाद जी

      Liked by 1 person

Leave a comment