मिल जाऊँगा दरिया में

मिल जाऊँगा दरिया में तो हो जाऊँगा दरिया,
सिर्फ़ इस लिए क़तरा हूँ कि दरिया से जुदा हूँ|

नज़ीर बनारसी

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