बुलंदी देर तक किस शख़्स के!

बुलंदी देर तक किस शख़्स के हिस्से में रहती है,
बहुत ऊँची ‘इमारत हर घड़ी ख़तरे में रहती है|

मुनव्वर राना

One response to “बुलंदी देर तक किस शख़्स के!”

Leave a comment