जहां न सुख का हो अहसास और न दुख की कसक,
उसी मक़ाम पे अब शायरी है और मैं हूं।
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
शायरी है और मैं हूं!
One response to “शायरी है और मैं हूं!”
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Wah wah🤍🦋✨
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A sky full of cotton beads like clouds
Wah wah🤍🦋✨
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