जो बात होती है दिल में!

जो बात होती है दिल में वो कह गुज़रता हूँ,
नहीं है कोई ग़रज़ अह्ले-ए-ख़ैर-ओ-शर से मुझे|

गुलज़ार देहलवी

Leave a comment