दरिया हूँ और प्यासा हूँ!

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में नासिर काज़मी जी की ग़ज़ल का एक और शेर जिसे ग़ुलाम अली जी ने गाया है –
अपनी लहर है अपना रोग, दरिया हूँ और प्यासा हूँ!

आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद।
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