दुख के कंकर चुनता हूँ!

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है नासिर काज़मी जी की ग़ज़ल का एक और शेर जिसे ग़ुलाम अली जी ने गाया है-

तेरी गली में सारा दिन, दुख के कंकर चुनता हूँ!

आशा है आपको यह पसंद आएगा,

धन्यवाद ।

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5 responses to “दुख के कंकर चुनता हूँ!”

  1. बहुत सुंदर।

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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  2. हार्दिक धन्यवाद जी

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  3. Bahut hi pyara 🤍✨

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    1. Hardik dhanyavaad jI

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