जिंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं-3

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में कृष्ण बिहारी नूर जी की ग़ज़ल का एक और शेर
सच बढ़े या घटे तो सच ना रहे, झूठ की कोई इंतेहा ही नहीं’

आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद ।
******

Leave a comment