हमजोली शाखों के हाथ पांव!

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय रमेश रंजक जी के नवगीत का अगला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ-

हमजोली शाखों के हाथ पांव, पानी में तैर नहीं पाए!

आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद।
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One response to “हमजोली शाखों के हाथ पांव!”

  1. बहुत अच्छा।

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