यार हुआ करते थे!

मैं सर-ए-दश्त-ए-वफ़ा अब हूँ अकेला वर्ना,
मेरे हम-राह मिरे यार हुआ करते थे|

सलीम कौसर

2 responses to “यार हुआ करते थे!”

  1. वाह वाह।

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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