एक ये दिन जब जागी रातें !

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में जावेद अख़्तर जी का एक और शेर, ये शेर जो मैं क्रमशः प्रस्तुत कर रहा हूँ इनको जगजीत सिंह जी ने भी गाया है-

एक ये दिन जब जागी रातें दीवारों को तकती हैं!

आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद।

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