आंधियों के इरादे तो अच्छे न थे!

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से मेरे स्वर में आज प्रस्तुत है यह एक और शेर-

वसीम बरेलवी जी की ग़ज़ल का एक और शेर
शायर- वसीम बरेलवी,
गायक- जगजीत सिंह
प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा

शा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद।
******

One response to “आंधियों के इरादे तो अच्छे न थे!”

  1. आपकी आवाज बहुत ही खूबसूरत है । 🤍✨

    Like

Leave a comment