तेरे जाने में और आने में!

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में सुदर्शन फाकिर जी के दो और शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ-

आशा है आपको यह पसंद आएंगे,

धन्यवाद।

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2 responses to “तेरे जाने में और आने में!”

  1. सुदर्शन फ़ाकिर साहब के शेर आपकी आवाज़ में सुनना अद्भुत है। ‘तेरे जाने में और आने में’ ग़ज़ल हमेशा से मेरी पसंदीदा रही है। शानदार प्रस्तुति के लिए धन्यवाद!

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी।

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