घर में रह कर भी!

एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम,
घर में रह कर भी जैसे बेघर से|

अज़हर इक़बाल

2 responses to “घर में रह कर भी!”

  1. वाह वाह।

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    1. धन्यवाद जी

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