दूर से दूर तलक -2

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में नीरज जी की इस ग़ज़ल के कुछ और शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ-

दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था!

आशा है आपको यह पसंद आएंगे,

धन्यवाद।

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