तुझी पे ख़त्म है जानाँ मिरे ज़वाल* की रात,
तू अब तुलू** भी हो जा कि ढल रहा हूँ मैं|
*अस्त होना, *ऊपर उठना
इरफ़ान सिद्दीक़ी
A sky full of cotton beads like clouds
तुझी पे ख़त्म है जानाँ मिरे ज़वाल* की रात,
तू अब तुलू** भी हो जा कि ढल रहा हूँ मैं|
*अस्त होना, *ऊपर उठना
इरफ़ान सिद्दीक़ी
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