मुस्कुराया कर!

काम ले कुछ हसीन होंठों से,

बातों बातों में मुस्कुराया कर|

शकील आज़मी

3 responses to “मुस्कुराया कर!”

  1. सही बात है। मानवता के अंदर हंसी वह गुण है जिससे सबको खुशी मिलता है। 😁🙏

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    1. धन्यवाद जी

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