हम को सज़ा देते हैं!

जब भी मिलते हैं तो जीने की दुआ देते हैं,
जाने किस बात की वो हम को सज़ा देते हैं|

अजय सहाब

2 responses to “हम को सज़ा देते हैं!”

Leave a comment