बहाने याद कर लेंगे!

तुम्हें भी इस बहाने याद कर लेंगे,
इधर दो—चार पत्थर फेंक दो तुम भी।

दुष्यंत कुमार

5 responses to “बहाने याद कर लेंगे!”

Leave a comment