अगर दिलबर की रुसवाई!  

आज काफी लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मैं एक फिल्मी गीत के बोल  शेयर कर रहा हूँ|

ये गीत खिलौना फिल्म के लिए आनंद बख्शी जी ने लिखा था, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने इसका संगीत दिया था और स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी ने इसको अपने मधुर स्वर में गाया था|

लीजिए आज प्रस्तुत हैं इस फिल्मी गीत के बोल –

अगर दिलबर की रुसवाई हमें मंजूर हो जाए
सनम तू बेवफा के नाम से मशहूर हो जाए

हमें फुरसत नहीं मिलती कभी आँसू बहाने से
कई गम पास आ बैठे तेरे एक दूर जाने से
अगर तू पास आ जाए तो हर गम दूर हो जाए

वफ़ा का वासता दे कर मोहब्बत आज रोती है
ना ऐसे खेल इस दिल से ये नाज़ुक चीज़ होती है
ज़रा सी ठेस लग जाए तो शीशा चूर हो जाए

तेरे रंगीन होठों को कंवल कहने से डरते हैं
तेरी इस बेरूख़ी पे हम ग़ज़ल कहने से डरते हैं
कही ऐसा ना हो तू और भी मग़रूर हो जाए

(आभार- एक बात मैं और बताना चाहूँगा कि अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में मैं जो कविताएं, ग़ज़लें, शेर आदि शेयर करता हूँ उनको मैं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध ‘कविता कोश’ अथवा ‘Rekhta’ से लेता हूँ|)

आज के लिए इतना ही,

नमस्कार| 

                                   ********   

5 responses to “अगर दिलबर की रुसवाई!  ”

  1. I read the translation of it –
    I suppose it’s a poignant read

    This heart is indeed a delicate thing

    Take care ♥️♥️

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  2. नमस्कार 🙏🏻

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    1. नमस्कार जी

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