कारोबार में हूँ भी नहीं भी हूँ!

मैं अपने इख़्तियार में हूँ भी नहीं भी हूँ,

दुनिया के कारोबार में हूँ भी नहीं भी हूँ|

निदा फ़ाज़ली

One response to “कारोबार में हूँ भी नहीं भी हूँ!”

  1. सामूहिक अचेतन का कम्पास मुझे रास्ता दिखाता है
    मैं अल्प समय के लिए हूं
    एक मैं हूँ
    मैं आत्मा के लिए काम करता हूँ
    और हर दिन
    संसार के काम में लगे हुए हैं

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