चाँदनगर लिख जाएगा

तेरा नूर ज़ुहूर सलामत इक दिन तुझ पर माह-ए-तमाम,

चाँद-नगर का रहने वाला चाँद-नगर लिख जाएगा|

इब्न-ए-इंशा

One response to “चाँदनगर लिख जाएगा”

  1. हर किसी को कहां यह मुकाम मिलता है
    दुनिया में खुशी और गमों का जाम मिलता है

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