A sky full of cotton beads like clouds
तेरा नूर ज़ुहूर सलामत इक दिन तुझ पर माह-ए-तमाम,
चाँद-नगर का रहने वाला चाँद-नगर लिख जाएगा|
इब्न-ए-इंशा
हर किसी को कहां यह मुकाम मिलता है दुनिया में खुशी और गमों का जाम मिलता है
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