मिरे हौसलों पे हैराँ है!

ये ज़िंदगी भी मिरे हौसलों पे हैराँ है,

समझ रही थी कि मैं उस के डर में आ गया हूँ|

राजेश रेड्डी  

One response to “मिरे हौसलों पे हैराँ है!”

  1. जिंदगी को मेरे कम वक्त की परवाह नहीं
    जीवन बहुत पुराना है
    भगवान को साँस लेने और छोड़ने की जरूरत नहीं है
    मेरे मरने के डर का एक शब्द में उल्लेख करना

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