A sky full of cotton beads like clouds
मेरी आँख के तारे अब न देख पाओगे,
रात के मुसाफ़िर थे खो गए उजालों में|
बशीर बद्र
तुम्हारी आँखों में तारे रात के आसमान के नीचे सपने का अवशेष निहित होना हम वहां फिर मिलेंगे
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