एक भावना!

अज्ञेय जी द्वारा संपादित दूसरा सप्तक के कवियों की रचनाएं शेयर करने के   क्रम में आज स्वर्गीय हरिनारायण व्यास जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ|

हरिनारायण जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं|

लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय हरिनारायण व्यास जी की यह कविता –

इस पुरानी जिन्दगी की जेल में
जन्‍म लेता है नया मन।
मुक्‍त नीलाकाश की लम्‍बी भुजाएँ
हैं समेटे कोटि युग से सूर्य, शशि, नीहारिका के ज्‍योति-तन।
यह दुखी संसृति हमारी,
स्‍वप्‍न की सुन्‍दर पिटारी
भी इसी को बाहुओं में आत्‍म-विस्‍मृत, सुप्‍त निज में ही
सिमट लिपटी हुई है।


किन्‍तु मन ब्रह्माण्‍ड इससे भी बड़ा है
जो कि जीवन कोठरी में जन्‍म लेता है नया बन
आज इस ब्रह्माण्‍ड में ही उठ रहा है
प्रेरणा का जन्‍म जीवन-भरा स्‍पन्‍दन-भरा
आषाढ़ का सुख-पूर्ण धन।


रुग्‍ण जन-जन,
युद्ध-पथ पर लड़खड़ाता हाँफता
हर चरण पर भीति से बिजली सरीखा काँपता
तोड़ने को आतुर हुआ यह क्षुद्र बन्‍धन
आँज कर पीले नयन में ज्‍योति का धुँधला सपन।


जल रहीं प्राचीनताएँ बाँध छाती पर मरण का एक क्षण।
इस अँधेरे की पुरानी ओढ़नी को बेध कर
आ रही ऊपर नये युग की किरण।

(आभार- एक बात मैं और बताना चाहूँगा कि अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में मैं जो कविताएं, ग़ज़लें, शेर आदि शेयर करता हूँ उनको मैं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध ‘कविता कोश’ अथवा ‘Rekhta’ से लेता हूँ|)

आज के लिए इतना ही,

नमस्कार| 

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3 responses to “एक भावना!”

  1. शरीर में
    ईश्वर अचेतन में रहता है
    वो आत्मा

    जब जिंदगी का सफर खत्म हो जाए
    मनुष्य ने पूरा किया है
    भगवान की तरह
    आत्मा में
    इंसान
    उसकी किस्मत को
    चाहे बुरा हो या अच्छा
    किया है

    हम मनुष्यों का मानसिक स्वभाव
    तुलना में एक मोमबत्ती की रोशनी है
    कालातीत सार्वभौमिक शाश्वतता का
    वो आत्मा

    मनुष्य नाभि रज्जु के माध्यम से जीवित रहता है
    दुनिया का
    ब्रह्मांड
    थोड़े समय के लिये
    ईश्वर मनुष्य को देता है
    आदेश
    उसके सपने
    अवलोकन हेतु
    कबूल करना
    आखिरी सांस तक

    मृत्यु
    पूरा कर लिया है
    आखिरी साँस पर
    आखिरी प्रयास
    जीने और मरने की इस सीमा को पार करने के लिए

    यह जीवन में महत्वपूर्ण है
    सभी चुनौतियाँ
    भगवान ने जो दिया है उसे स्वीकार करना
    मरने के बाद से भी ज्यादा
    नये अवसर के लिये
    बेहतर कर्म के साथ प्रयास करने के लिए

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  2. नमस्कार 🙏🏻

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    1. नमस्कार जी

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