ये वक़्त नहीं है बातों का पलकों के साए काम में ला,
इल्हाम कोई इल्हाम* कि साक़ी रात गुज़रने वाली है|
*ईश्वरीय प्रेरणा
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds
ये वक़्त नहीं है बातों का पलकों के साए काम में ला,
इल्हाम कोई इल्हाम* कि साक़ी रात गुज़रने वाली है|
*ईश्वरीय प्रेरणा
क़तील शिफ़ाई
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