शाइस्तगी-ए-ग़म* के सबब आँखों के सहरा,
नमनाक तो हो जाते हैं जल-थल नहीं होते|
*दुख सहने की सुशीलता
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds
शाइस्तगी-ए-ग़म* के सबब आँखों के सहरा,
नमनाक तो हो जाते हैं जल-थल नहीं होते|
*दुख सहने की सुशीलता
अहमद फ़राज़
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