सिर्फ़ गूँगे और बहरे!

यहाँ तो सिर्फ़ गूँगे और बहरे लोग बसते हैं,
ख़ुदा जाने वहाँ पर किस तरह जलसा हुआ होगा|

दुष्यंत कुमार

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