वो रात का बे-नवा मुसाफ़िर वो तेरा शाइर वो तेरा ‘नासिर’,
तिरी गली तक तो हम ने देखा था फिर न जाने किधर गया वो|
नासिर काज़मी
A sky full of cotton beads like clouds
वो रात का बे-नवा मुसाफ़िर वो तेरा शाइर वो तेरा ‘नासिर’,
तिरी गली तक तो हम ने देखा था फिर न जाने किधर गया वो|
नासिर काज़मी
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