न अब वो यादों का चढ़ता दरिया न फ़ुर्सतों की उदास बरखा,
यूँही ज़रा सी कसक है दिल में जो ज़ख़्म गहरा था भर गया वो|
नासिर काज़मी
A sky full of cotton beads like clouds
न अब वो यादों का चढ़ता दरिया न फ़ुर्सतों की उदास बरखा,
यूँही ज़रा सी कसक है दिल में जो ज़ख़्म गहरा था भर गया वो|
नासिर काज़मी
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