मिरा प्यार जावेदाँ है!

मैं इसी गुमाँ में बरसों बड़ा मुतमइन रहा हूँ,

तिरा जिस्म बे-तग़य्युर* मिरा प्यार जावेदाँ** है|

*निर्विकार, **अमर

              बशीर बद्र

Leave a comment