वो अगर ख़फ़ा नहीं है!

वही शख़्स जिस पे अपने दिल-ओ-जाँ निसार कर दूँ,

वो अगर ख़फ़ा नहीं है तो ज़रूर बद-गुमाँ है|

              बशीर बद्र

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