भीगी शाम है चाँद!

हम से भी दो बातें कर ले कैसी भीगी शाम है चाँद,

सब कुछ सुन ले आप न बोले तेरा ख़ूब निज़ाम है चाँद|

                 इब्न-ए-इंशा

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