ऐ दिल वालो घर से निकलो देता दावत-ए-आम है चाँद,
शहरों शहरों क़रियों क़रियों वहशत का पैग़ाम है चाँद|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
ऐ दिल वालो घर से निकलो देता दावत-ए-आम है चाँद,
शहरों शहरों क़रियों क़रियों वहशत का पैग़ाम है चाँद|
इब्न-ए-इंशा
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