मिरे शाने पर यही ज़ुल्फ़ थी जो है आज मुझ से खिंची खिंची,
मिरे हाथ में यही हाथ था तुम्हें याद हो कि न याद हो|
नज़ीर बनारसी
A sky full of cotton beads like clouds
मिरे शाने पर यही ज़ुल्फ़ थी जो है आज मुझ से खिंची खिंची,
मिरे हाथ में यही हाथ था तुम्हें याद हो कि न याद हो|
नज़ीर बनारसी
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