याद हो कि न याद हो!

हुए मुझ से जिस घड़ी तुम जुदा तुम्हें याद हो कि न याद हो,

मिरी हर नज़र थी इक इल्तिजा तुम्हें याद हो कि न याद हो|

                  नज़ीर बनारसी

2 responses to “याद हो कि न याद हो!”

  1. क्रेमलिन किले से आक्रमण के युद्ध एक अपराध हैं।

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  2. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    💗

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