प्यासा हो सा जाता हूँ!

तिरे गुल-रंग होंटों से दहकती ज़िंदगी पीकर,

मैं प्यासा और प्यासा और प्यासा हो सा जाता हूँ|

जाँ निसार अख़्तर 

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