हुस्न की दहशत अजब!

हुस्न की दहशत अजब थी वस्ल की शब में ‘मुनीर,’

हाथ जैसे इंतिहा-ए-शौक़ से शल* हो गया|

*सुन्न

मुनीर नियाज़ी

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