मेरी वादी में वो इक दिन यूँ ही आ निकली थी,
रंग और नूर का बहता हुआ धारा बन कर|
अली सरदार जाफ़री
A sky full of cotton beads like clouds
मेरी वादी में वो इक दिन यूँ ही आ निकली थी,
रंग और नूर का बहता हुआ धारा बन कर|
अली सरदार जाफ़री
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