शोला-ए-इश्क़ सर-ए-अर्श को जब छूने लगा,
उड़ गई वो मेरे सीने से शरारा बन कर|
अली सरदार जाफ़री
A sky full of cotton beads like clouds
शोला-ए-इश्क़ सर-ए-अर्श को जब छूने लगा,
उड़ गई वो मेरे सीने से शरारा बन कर|
अली सरदार जाफ़री
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