मिरी तिश्ना-लबी मुझे!

रखना है तिश्ना-काम तो साक़ी बस इक नज़र,

सैराब* कर न दे मिरी तिश्ना-लबी मुझे|

*पूरा भरा हुआ

शकील बदायूनी 

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