A sky full of cotton beads like clouds
रखना है तिश्ना-काम तो साक़ी बस इक नज़र,
सैराब* कर न दे मिरी तिश्ना-लबी मुझे|
*पूरा भरा हुआ
शकील बदायूनी
Δ
Leave a comment