गुज़र गया है कोई लम्हा-ए-शरर* की तरह,
अभी तो मैं उसे पहचान भी न पाया था|
*चिंगारी चमकने का क्षण
जाँ निसार अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds
गुज़र गया है कोई लम्हा-ए-शरर* की तरह,
अभी तो मैं उसे पहचान भी न पाया था|
*चिंगारी चमकने का क्षण
जाँ निसार अख़्तर
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