शहर की गलियों में गहरी तीरगी गिर्यां रही*,
रात बादल इस तरह आए कि मैं तो डर गया|
*अंधकार रोता रहा
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds
शहर की गलियों में गहरी तीरगी गिर्यां रही*,
रात बादल इस तरह आए कि मैं तो डर गया|
*अंधकार रोता रहा
मुनीर नियाज़ी
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