‘इंशा’-जी उसे रोक के पूछें तुमको तो मुफ़्त मिला है हुस्न,
किस लिए फिर बाज़ार-ए-वफ़ा में तुमने ये जिंस गिराँ* की है|
*Made costly
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
‘इंशा’-जी उसे रोक के पूछें तुमको तो मुफ़्त मिला है हुस्न,
किस लिए फिर बाज़ार-ए-वफ़ा में तुमने ये जिंस गिराँ* की है|
*Made costly
इब्न-ए-इंशा
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